दस प्रेरणादायक संक्षिप्त कहानियाँ – पहली संक्षिप्त कहानी 

हाथी की रस्सी

एक सज्जन एक हाथियों के  शिविर में  घूम रहा था, और उसने देखा कि हाथियों को पिंजरों में रखा नहीं जा रहा था या किसी चेन से बांधा नहीं जा रहा था. बल्कि एक छोटी सी रस्सी उनको एक खूंटे से बांध कर रख पा रही थी. वह यह सोच  पूरी तरह उलझन में था कि क्यों हाथी ने  रस्सी तोड़ने के लिए अपनी ताकत का उपयोग नहीं करते थे? वे आसानी से ऐसा कर सकते थे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने बिल्कुल प्रयास नहीं किया.

इस गुत्थी को सुलझाने के लिए उन्होंने एक प्रशिक्षक से पूछा कि क्यों ये हाथी वहां खड़े थे और उन्होंने भागने की कोशिश नहीं की जबकि हाथी जितना बलवान जानवर के लिए एक छोटी सी रस्सी तोडना बिलकुल आसान था?

प्रशिक्षक ने मुस्कराते हुए जवाब दिया:

“जब वे बहुत छोटे होते हैं  तो हम उन्हें बांधने के लिए एक छोटे आकार की रस्सी का उपयोग करते हैं और उस उम्र में, उन्हें उस आकार की रस्सी से बांधना  पर्याप्त होता है। जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, उन्हें ये विश्वास हो गया होता है  कि वे उस छोटी सी रस्सी को तोड़ नहीं सकते हैं। उनका मानना ​​है कि रस्सी अभी भी उन्हें जकड कर रख सकती है, इसलिए वे कभी भी मुक्त होने की कोशिश नहीं करते। ”

अतः यह हाथियों का अपना विश्वास था की रस्सियां उनके बल से नहीं टूटने वाली, और इसी कारणवश वो एक छोटी सी रस्सी के आगे मजबूर थे.

मूल मंत्र:

हमारा अपना विश्वास ही हमारा बल होता है. यदि हमें विश्वास हो तो हम कुछ भी कर सकते हैं और इतिहास में इसके अनेको उदाहरण हैं, पर यदि हमें अपनी कमज़ोरियों पर विश्वास है तो हम कितने भी बलशाली हों हमे असफलता ही हाथ लगती है. मजबूत आत्मविश्वास ही सफलता का मूल मंत्र है.

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